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Monday, September 12, 2016

DANA MAJHI


एक अदना सा
एक बेवजूद बेजुबान दाना माझी
मीडिया के निशाने पर आ गया
एक रोजमर्रे की घटना को
कतिपय कुछ आतंकवादियों ने सुर्खियों में तबदील कर दिया
मौन वेदना के प्रत्युत्तर में
बहरीन की नौलखा मुखर सवेदना
उसके दरवाजे पर दस्तक दे गयी
बेचारा एक अदना दाना माझी
एक करोड़ दाना माझियों का प्रतीक बन
सहमा ठिठका बदहवास दाना माझी
ऊचे रसूख वाले IAS अधिकारियों के
आखों की किरकिरी बन गया
अब एक करोड़ के
शेष बचे ९९,९९,९९९  दाना माझियों
का वेताल उन ऊचे रसूख वाले IAS अधिकारियों से
पूछ रहा एक यक्ष प्रश्न
कि अगर उनके परिवार का कोई निहत हो
और वे भी चल दे,
उसके शव को कंधे पर लाद के
तब क्या वे भी गरीबी  की रेखा
को लांघने में सफल हो पायेगे
 क्या इस सवेदना के स्वर
एक बार फिर बहरीन से फूटेंगे
या फूटेंगे अपनी गणतंत्र के चौपाल से.